Surah 107 of 114
سُوْرَةُ الْمَاعُوْنِ
Al-Maa'un
Almsgiving
1
क्या तुमने उस शख़्श को भी देखा है जो रोज़ जज़ा को झुठलाता है
2
ये तो वही (कम्बख्त) है जो यतीम को धक्के देता है
3
और मोहताजों को खिलाने के लिए (लोगों को) आमादा नहीं करता
4
तो उन नमाज़ियों की तबाही है
5
जो अपनी नमाज़ से ग़ाफिल रहते हैं
6
जो दिखाने के वास्ते करते हैं
7
और रोज़मर्रा की मालूली चीज़ें भी आरियत नहीं देते