Surah 113 of 114
سُوْرَةُ الْفَلَقِ
Al-Falaq
The Dawn
1
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं सुबह के मालिक की
2
हर चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की पनाह माँगता हूँ
3
और अंधेरीरात की बुराई से जब उसका अंधेरा छा जाए
4
और गन्डों पर फूँकने वालियों की बुराई से
5
(जब फूँके) और हसद करने वाले की बुराई से