John Shaqi

हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत: अलिफ़-लाम-मीम का मतलब क्या है? चौदह सदियाँ, कोई सर्वसम्मत जवाब नहीं

क़ुरआन की 29 सूरतें अलग-अलग अक्षरों से शुरू होती हैं — अलिफ़-लाम-मीम, या-सीन, हा-मीम। तबरी का जायज़ा, इब्न अब्बास के पाठ, चुनौती का सिद्धांत, और सलफ़ का जवाब: अल्लाह ही बेहतर जानता है। रिकॉर्ड ज्यों का त्यों।

By John Shaqi · July 21, 2026 · 15 min read

मदरसे का एक सवाल

यह दृश्य हर रोज़ दोहराया जाता है, हर उस जगह जहाँ क़ुरआन पढ़ाया जाता है। अस्र की नमाज़ के बाद एक छोटा-सा मदरसा। एक बच्चा लकड़ी की रिहल के सामने पालथी मारे बैठा है, उँगली सूरह बक़रह की पहली पंक्ति के नीचे। क़ारी साहब कहते हैं: पढ़ो। और बच्चा तीन ऐसे अक्षर पढ़ता है जो कोई शब्द नहीं बनाते: अलिफ़। लाम। मीम।

बच्चा रुक जाता है और वही सवाल पूछता है जो बच्चे चौदह सौ बरसों से पूछते आए हैं: "क़ारी साहब, अलिफ़-लाम-मीम का क्या मतलब है?"

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