सफ़िय्या बिन्त हुयय: ख़ैबर से लौटते रास्ते पर निकाह — ग्रंथ क्या कहते हैं?
ख़ैबर की जीत के बाद रास्ते में ही पैग़म्बर-ए-इस्लाम का सफ़िय्या बिन्त हुयय से निकाह पूर्ण हुआ — सत्रह साल की विधवा जिसके पति और पिता दोनों मारे जा चुके थे। बुख़ारी, मुस्लिम, इब्न इस्हाक़ और इब्न साद घटना, आपत्तियाँ और उत्तर सब दर्ज करते हैं। पाठ आपके सामने हैं।
By John Shaqi · July 24, 2026 · 15 min read

रास्ते का एक ख़ेमा और एक आदमी जो रात भर जागता रहा
सन 628 ईस्वी। ख़ैबर और मदीना के बीच क़ाफ़िले का रास्ता। एक ख़ेमे में विवाह की रात है। दूल्हा इस्लाम के पैग़म्बर हैं, उम्र लगभग अट्ठावन वर्ष। दुल्हन हैं सफ़िय्या बिन्त हुयय: निर्वासित क़बीले बनू नज़ीर के सरदार हुयय इब्न अख़तब की बेटी, एक यहूदी स्त्री, उम्र लगभग सत्रह वर्ष। कुछ ही दिन पहले वह किनाना इब्न रबी की पत्नी थीं, जो बनू नज़ीर के ख़ज़ाने का रखवाला था। पति ख़ैबर की जीत के बाद मारा जा चुका है। पिता लगभग दो वर्ष पहले बनू क़ुरैज़ा के पुरुषों के साथ मारे जा चुके हैं। और ख़ेमे के बाहर, सारी रात, सहाबी अबू अय्यूब अंसारी नंगी तलवार लिए चक्कर लगाते रहे। सुबह पैग़म्बर ने पूछा: क्यों? सीरत की किताबें उत्तर सुरक्षित रखती हैं: "मुझे इस स्त्री की ओर से आप पर डर था; आपने इसके पिता, इसके पति और इसके लोगों को मारा है।"
एक युद्धबंदी स्त्री कुछ ही दिनों में दुल्हन कैसे बन गई? सबसे पुरानी इस्लामी किताबें क्या कहती हैं, और मुस्लिम विद्वानों ने क्या उत्तर दिए हैं?
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