Surah 1 of 114
سُوْرَةُ الْفَاتِحَةِ
Al-Faatiha
The Opening
1
अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है।
2
तारीफ़ अल्लाह ही के लिये है जो तमाम क़ायनात का रब है।
3
रहमान और रहीम है।
4
रोज़े जज़ा का मालिक है।
5
हम तेरी ही इबादत करते हैं, और तुझ ही से मदद मांगते है।
6
हमें सीधा रास्ता दिखा।
7
उन लोगों का रास्ता जिन पर तूने इनाम फ़रमाया, जो माअतूब नहीं हुए, जो भटके हुए नहीं है।