Surah 94 of 114
سُوْرَةُ الشَّرْحِ
Ash-Sharh
The Consolation
1
(ऐ रसूल) क्या हमने तुम्हारा सीना इल्म से कुशादा नहीं कर दिया (जरूर किया)
2
और तुम पर से वह बोझ उतार दिया
3
जिसने तुम्हारी कमर तोड़ रखी थी
4
और तुम्हारा ज़िक्र भी बुलन्द कर दिया
5
तो (हाँ) पस बेशक दुशवारी के साथ ही आसानी है
6
यक़ीनन दुश्वारी के साथ आसानी है
7
तो जब तुम फारिग़ हो जाओ तो मुक़र्रर कर दो
8
और फिर अपने परवरदिगार की तरफ रग़बत करो