John Shaqi

बनू क़ैनुक़ा: बाज़ार की घटना — पहली जिलावतनी का कारण या कमज़ोर रिवायत?

बाज़ार में एक सुनार, एक औरत का बँधा दामन, और मदीना की पहली जिलावतनी — मगर यह क़िस्सा आता कहाँ से है? इब्न हिशाम का मुरसल इज़ाफ़ा, वाक़िदी पर मुहद्दिसीन का हुक्म, और सहीहैन की ख़ामोशी — सारे पाठ ज्यों के त्यों आपके सामने। फ़ैसला आपका।

By John Shaqi · July 24, 2026 · 15 min read

बनू क़ैनुक़ा: बाज़ार की घटना — पहली जिलावतनी का कारण या कमज़ोर रिवायत?

सुनारों के बाज़ार में एक बँधा हुआ दामन

हिजरत का दूसरा साल, ग़ज़वा-ए-बद्र के कुछ समय बाद। मदीना में बनू क़ैनुक़ा का बाज़ार — शहर का सुनारों का मोहल्ला। एक अरब औरत अपना सामान बेचने आती है और एक सुनार की दुकान पर बैठ जाती है। आस-पास के लोग ज़िद करते हैं कि वह चेहरा खोले; वह इनकार कर देती है। सुनार चुपके से उसके कपड़े का किनारा उसकी पीठ से बाँध देता है। जब वह उठती है तो बे-पर्दा हो जाती है। बाज़ार ठहाकों से गूँज उठता है। वह चीख़ पड़ती है। एक मुसलमान सुनार पर झपटता है और उसे क़त्ल कर देता है; बाज़ार के यहूदी उस मुसलमान को क़त्ल कर देते हैं; मक़्तूल के घरवाले मुसलमानों को मदद के लिए पुकारते हैं — और मदीना की नवजात रियासत और एक यहूदी क़बीले के बीच पहले टकराव की चिंगारी भड़क उठती है।

यही वह दृश्य है जो अनगिनत सीरत की किताबों, ख़ुत्बों और डॉक्यूमेंट्रियों में बनू क़ैनुक़ा के मुहासरे और जिलावतनी का "असल कारण" बनाकर दोहराया जाता है। लेकिन सबसे पुरानी किताबें खोलिए तो पन्ने से तीन सवाल उठते हैं: यह क़िस्सा किसने रिवायत किया और किस सनद से? सबसे पहले सीरत-लेखक इब्न इसहाक़ के अपने पाठ में यह क्यों मौजूद नहीं? और सहीह बुख़ारी व सहीह मुस्लिम — जो ख़ुद जिलावतनी दर्ज करती हैं — उनमें सुनार, बँधे दामन या बाज़ार की औरत का ज़िक्र तक क्यों नहीं?

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