John Shaqi
History

ज़ैद बिन साबित और क़ुरआन की पहली तदवीन — सहीह बुख़ारी 4986

जंग-ए-यमामा के बाद अबू बक्र (रज़ि.) ने नौजवान कातिब ज़ैद बिन साबित (रज़ि.) को बिखरे हुए क़ुरआन को एक मुजल्लद में जमा करने का हुक्म दिया। हम किताबें खोलते हैं: सहीह बुख़ारी 4986, ज़ैद (रज़ि.) की पहाड़ से भारी हिचकिचाहट, खजूर की शाख़ें, सफ़ेद पत्थर और सीनों का हाफ़िज़ा, दो गवाहों का मयार, वह सहीफ़े जो हफ़्सा (रज़ि.) तक पहुँचे, और बुख़ारी 4987 में उस्मान (रज़ि.) के दौर में उनका मुस्तआर लेना — सवाल और रिवायती जवाब, दोनों कॉलम। फ़ैसला, हमेशा की तरह, आपका है।

By John Shaqi · July 22, 2026 · 15 min read

ज़ैद बिन साबित और क़ुरआन की पहली तदवीन — सहीह बुख़ारी 4986

एक नौजवान कातिब और पहाड़ से भारी ज़िम्मेदारी

मदीना का तसव्वुर कीजिए, नबी मुहम्मद (सल्ल.) की वफ़ात के फ़ौरन बाद के बरसों में (क़रीबन 11-12 हिजरी)। मुसैलिमा के ख़िलाफ़ जंग-ए-यमामा ख़त्म हो चुकी है, और उसके साथ क़ुर्रा — उन आदमियों में जो क़ुरआन अपने सीनों में रखते थे — भारी जानी नुक़सान भी हो चुका है। पहले ख़लीफ़ा अबू बक्र (रज़ि.) ने एक ऐसा फ़ैसला किया है जिसकी उन्होंने पहले मुज़ाहमत की थी: बिखरे हुए क़ुरआन को, आयत ब आयत, एक तहरीरी मुजल्लद में जमा किया जाए। और जिस शख़्स पर यह ज़िम्मेदारी आती है वह कोई बड़ा बुज़ुर्ग नहीं। वह ज़ैद बिन साबित (रज़ि.) हैं — मदीना के एक नौजवान सहाबी जो ख़ुद नबी (सल्ल.) के लिए कातिबान-ए-वही में से एक रह चुके थे।

ज़ैद (रज़ि.) इस काम की संगीनी के साथ बैठते हैं। उनके अपने महफ़ूज़ अल्फ़ाज़ में, पूरा पहाड़ मुंतक़िल करना उनके कंधों पर उससे हल्का महसूस होता जिसका उन्हें हुक्म दिया गया था। शहर के गिर्द व नवाह में क़ुरआन दो सूरतों में ज़िंदा है: खजूर की शाख़ों पर, सफ़ेद पतले पत्थरों पर, चमड़े और हड्डी के टुकड़ों पर लिखे निशानात की सूरत में, जो बहुत से घरों में ज़ाती तौर पर रखे थे; और हुफ़्फ़ाज़ के दिलों में ज़िंदा तिलावत की सूरत में। ज़ैद (रज़ि.) का काम इन दो दरियाओं को एक ही धारे में ले आना है — और इसे ऐसी दस्तावेज़ी एहतियात के साथ करना कि वह किसी हिस्से को न महज़ हाफ़िज़े पर दर्ज करेंगे, न महज़ किसी एक लिखे टुकड़े पर। यह पहली तदवीन की कहानी है, क़ुरआन को एक जगह बाँधने की पहली कोशिश।

Continue Reading

Continue reading this article

Sign in free to read in full. Become a member to join the discussion without limits.

Sign in free to read →
Reader$0/mo
  • Read every article
  • Comment and reply (up to 100 words, 10/month)
  • Browse the community
  • Reader badge
Join as Reader
Scholar$8/mo
  • Everything in Writer
  • Scholar badge
  • Featured in the community
Join as Scholar